Home » राष्ट्रीय » ‘यह मेरे लिए बहुत शॉकिंग है’, EOW की नोटिस ने डीके शिवकुमार की बढाई मुश्किलें, जानिए पूरा मामला

‘यह मेरे लिए बहुत शॉकिंग है’, EOW की नोटिस ने डीके शिवकुमार की बढाई मुश्किलें, जानिए पूरा मामला

Share :

DK shivkumar- India TV Hindi
Image Source : ANI
डीके शिवकुमार

बेंगलुरु: कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार जहां राज्य में सीएम पद पाने की कोशिशों में जुटे हैं वहीं ईडी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी है। नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को नोटिस जारी कर उनसे वित्तीय और लेनदेन संबंधी विवरण देने को कहा है। 29 नवंबर को भेजे गए इस नोटिस में उनसे 19 दिसंबर तक EOW ऑफिस में डॉक्यूमेंट्स/जानकारी जमा करने को कहा गया है। डीके शिवकुमार ने कहा कि ये परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। सब कुछ ब्लैक एंड व्हाइट में है। 

सब कुछ ब्लैक एंड व्हाइट में है

डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि “यह मेरे लिए बहुत शॉकिंग है। मैंने ED को सारी डिटेल्स दे दी थीं। ED ने मेरे भाई और मुझे भी बुलाया था। हमने सारा नोटिस दे दिया था। कुछ भी गलत नहीं है। यह हमारा इंस्टीट्यूशन है। हम, कांग्रेसी होने के नाते, इंस्टीट्यूशन को सपोर्ट करते रहे हैं। लुका-छिपी जैसा कुछ नहीं है। सब कुछ ब्लैक एंड व्हाइट में है।”

डीके शिवकुमार ने आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि ED के चार्जशीट फाइल करने के बाद भी पुलिस को केस रजिस्टर करने की ज़रूरत क्यों नहीं पड़ी। हम यह केस उठाएंगे और कोर्ट में लड़ेंगे। यह हैरेसमेंट है। यह हमारा पैसा है। जब हम टैक्स देते हैं तो हम इसे जिसे चाहें दे सकते हैं। इसमें कुछ भी शामिल नहीं है। PMLA केस तो पहले ही खत्म हो चुका है। उन्होंने चार्जशीट फाइल कर दी है, तो वे और क्या कर सकते हैं? सिर्फ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सभी सपोर्टर्स को हैरेस करने के लिए, वे कन्फ्यूजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”

डीके शिवकुमार को मिले नोटिस में क्या है?

बता दें कि डीके शिवकुमार को मिले नोटिस में कहा गया है, ‘‘आपको सूचित किया जाता है कि EOW, दिल्ली पुलिस उपरोक्त मामले की प्राथमिकी की जांच कर रही है और आपके पास उपरोक्त मामले के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी है।’’ ईओडब्ल्यू के सवालों में शिवकुमार के बैंक लेन देन का उद्देश्य इन निधियों का स्रोत, उनके और ‘यंग इंडियन’ या एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) के पदाधिकारियों के बीच किसी भी संचार का विवरण, क्या भुगतान किसी के निर्देश पर किया गया था और क्या उन्हें धन के इच्छित उपयोग के बारे में पता था जैसे सवाल शामिल हैं। EOW, ने आयकर रिकॉर्ड, वित्तीय विवरण और भुगतान के संबंध में जारी किए गए किसी भी दान प्रमाण पत्र की भी मांग की है। 

नेशनल हेराल्ड मामला क्या है?

नेशनल हेराल्ड मामला मूल रूप से भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 2013 में की गई एक निजी शिकायत पर आधारित है। यह इस आरोप पर आधारित है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 988 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को ‘यंग इंडियन’ ने 2010 में AICC से जुड़े एक लेनदेन के माध्यम से 50 लाख रुपये में खरीद लिया था। प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में एजेएल की परिसंपत्ति को ‘यंग इंडियन’ को हस्तांतरित करने के संबंध में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का आरोप लगाया गया है। ‘यंग इंडियन’ एक ऐसी कंपनी है जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की संयुक्त रूप से 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। (इनपुट-भाषा)

Latest India News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
How to Make a News Portal
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई

🔴 निंबाहेड़ा में स्वच्छता अभियान की निकली हवा! 🟡 लाखों के विज्ञापन, फिर भी शहर में गंदगी का अंबार 🔴 गंदगी के बीच गौवंश—News Plus India 24 के कैमरे में कैद हुई जमीनी हकीकत 🟢 निंबाहेड़ा | ग्राउंड रिपोर्ट✍️ रिपोर्टर — एडवोकेट समद अंसार 🔥 खबर वही, जो जमीनी हकीकत दिखाए।

Share Market
Rashifal